सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीदते समय फोन का डिजाइन और कैमरा देखना तो आसान होता है, लेकिन सबसे बड़ा धोखा उसकी बैटरी में छिपा हो सकता है। बाहर से नया दिखने वाला फोन भी अंदर से खराब या अत्यधिक इस्तेमाल की गई बैटरी के साथ आ सकता है। अगर आप बिना सही जांच के नकद भुगतान कर देते हैं, तो बाद में बैटरी रिप्लेसमेंट का भारी खर्च उठाना पड़ सकता है। इसलिए डील फाइनल करने से पहले सेकेंड हैंड डिवाइस की असल कार्यक्षमता को परखना बेहद जरूरी है। आइए समझते हैं कि एंड्रॉइड और आईफोन दोनों में यूज्ड फोन बैटरी हेल्थ की जांच कैसे की जाए।
ऐप्पल के आईफोन में बैटरी की स्थिति जांचना काफी सरल और पारदर्शी है। पुराना आईफोन खरीदते समय सेटिंग्स मेनू में जाकर कुछ सेकंड में असलियत पता लगाई जा सकती है।
80 प्रतिशत से कम कैपेसिटी वाली बैटरी न केवल कम बैकअप देती है, बल्कि फोन की परफॉर्मेंस को भी धीमा कर देती है।
एंड्रॉइड इकोसिस्टम में विभिन्न ब्रांड्स के कारण प्रक्रिया थोड़ी अलग हो सकती है। हालांकि, अधिकांश आधुनिक एंड्रॉइड फोन्स में बैटरी की स्थिति जानने के बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं।
अपने फोन के डायलर में *#*#4636#*#* डायल करें। यदि यह कोड आपके ब्रांड पर काम करता है, तो 'Testing' मेनू खुलेगा जहां 'Battery Information' पर टैप करके सेहत की जानकारी मिल जाएगी।
सैमसंग जैसे बड़े ब्रांड्स अपने यूज़र्स को 'Samsung Members' जैसे इन-बिल्ट टूल देते हैं। इसमें 'Interactive Checks' में जाकर बैटरी स्टेटस को 'Good' या 'Normal' के रूप में टेस्ट किया जा सकता है।
केवल सिस्टम सॉफ्टवेयर के आंकड़ों पर भरोसा न करें, क्योंकि कई बार सेटिंग्स को रीसेट करके डेटा छिपाया जा सकता है। हाथों-हाथ एक प्रैक्टिकल टेस्ट जरूर करें:
पुराना फोन खरीदते समय जल्दबाजी न दिखाएं। पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही यूज्ड फोन बैटरी हेल्थ के आधार पर सही कीमत तय करें और पेमेंट करें।
क्या आपने कभी पुराना फोन खरीदते समय बैटरी की समस्या का सामना किया है? अपने विचार और अनुभव नीचे कमेंट्स में जरूर शेयर करें!









